Author: Shivesh Pratap

संस्कृत श्लोक का संग्रह हिंदी अर्थ सहित | Collection of Sanskrit Shlokas on Various Topics

अर्थागमो नित्यमरोगिता च प्रिया च भार्या प्रियवादिनी च | arthagamo nityamarogita cha priya cha bharya priyavadini cha

सुख पर श्लोक अर्थागमो नित्यमरोगिता च प्रिया च भार्या प्रियवादिनी च | वश्यस्य पुत्रोsर्थकरी च विद्या षड् जीवलोकस्य सुखानि राजन्

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संस्कृत श्लोक का संग्रह हिंदी अर्थ सहित | Collection of Sanskrit Shlokas on Various Topics

चत्वारि ते तात गृहे वसन्तु श्रियाभिजुष्टस्य गृहस्थधर्मे | chatvari te tata grihe vasantu shriyabhijushtasya grihasthadharme

गृहस्थ का कर्तव्य एवं शरण पर श्लोक चत्वारि ते तात गृहे वसन्तु श्रियाभिजुष्टस्य गृहस्थधर्मे | वृद्धो ज्ञातिरवसन्नः कुलीनः सखा दरिद्रो

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संस्कृत श्लोक का संग्रह हिंदी अर्थ सहित | Collection of Sanskrit Shlokas on Various Topics

पञ्चाग्नयो मनुष्येण परिचर्याः प्रयत्नतः | panchagnayo manushyena paricharyah prayatnatah

पिता, माता, अग्नि , आत्मा तथा गुरु पर श्लोक  ***** पञ्चाग्नयो मनुष्येण परिचर्याः प्रयत्नतः | पितामाताग्निरात्मा च गुरुश्च भरतर्षभः ||

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संस्कृत श्लोक सुभाषित संग्रह हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित | Collection of Sanskrit Shloka with Meaning

वैराग्य शतक के श्लोक हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित भर्तृहरि विरचितम् | Bhartrihari Vairagya Shatak with Hindi & English Meaning

॥ वैराग्य शतकम् भर्तृहरिविरचितम् ॥ वैराग्य शतक के श्लोक हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित भर्तृहरि विरचितम् भर्तृहरि परिचय: जनश्रुति और परम्परा के

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संस्कृत श्लोक सुभाषित संग्रह हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित | Collection of Sanskrit Shloka with Meaning

दिक्‍कालाद्यनवच्छिन्‍नानन्‍तचिन्‍मात्रमूर्तये। dik‍kaladyanavachchhin‍nanan‍tachin‍matramurtaye

दिक्‍कालाद्यनवच्छिन्‍नानन्‍तचिन्‍मात्रमूर्तये । स्‍वानुभूत्‍येकमानाय नम: शान्‍ताय तेजसे ।। 1 ।। dik‍kālādyanavacchin‍nānan‍tacin‍mātramūrtaye । s‍vānubhūt‍yekamānāya nama: śān‍tāya tejase ।। 1 ।। तेजरूप परब्रह्म

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