धर्मनिष्ठ सनातन हिन्दू हैं मंजुल भार्गव !!!

|| पढ़ लिखकर देशद्रोही और कम्युनिस्ट बनने वालों को सनातन धर्म का “प्रत्युत्तर” हैं मंजुल जी ||

आज एक धर्मनिष्ठ हिन्दू “मंजुल भार्गव” को गणित के विश्व का सबसे प्रतिष्ठित एवं नोबल पुरस्कार के समकक्ष पुरस्कार फील्ड मेडल दिया गया है जो अपने आप में एक बहुत बड़े गर्व की बात है और मंजुल भार्गव उन सभी के लिए एक उदाहरण हैं जो संस्कृति और शिक्षा को परस्पर विरोधाभाषी मानते हैं |

मंजुल भार्गव जी को मै तब जाना जब उन्हें रामानुजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और वास्तव में इतने कम समय में उन्होंने गणित में जो योगदान दिया है वो अद्भुद और आश्चर्यजनक है | और इन्हें वर्तमान “रामानुजन” कहना अतिशयोक्ति नहीं है |

* जिस पुरस्कार को पाने में पूरा जीवन कम पड जाए उस पुरस्कार को मंजुल भार्गव जी ने मात्र ४० साल की उम्र में पा लिया है |

* भार्गव जी एक धर्मनिष्ठ हिन्दू ब्राह्मण परिवार से सम्बंधित हैं जो दो पीढ़ियों से कनाडा और अमेरिका में रहते हुए भी भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम अटूट बनाये हुए हैं |

* भार्गव जी मंचों पर अक्सर हिन्दू परिधानों में ही नजर आते हैं | दिखावटी देशवासियों के लिए एक सबक हैं ये |

* भार्गव जी जितनी सधी अंग्रेजी बोल सकते हैं उतना ही अच्छा “संस्कृत संभाषण” भी कर सकते हैं | आप के बाबा जी श्री पुरुषोत्तम लाल भार्गव जी एक अति प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण के विद्वान हैं और इनके संस्कृत के गुरु भी |

* भार्गव जी बहुत अच्छे तबला वादक भी हैं और जाकिर हुसैन से उन्होंने तबला के गुर सीखे हैं |

* इनकी माता जी श्री मति मीरा भार्गव भी एक गणितज्ञा और विदुषी हैं | अमरीकी विश्वविद्यालय में गणित की प्रोफेसर हैं |

* ३१० बहुत ही कठिन प्रमेयों को हल करना, जोर्ज पोल्या का दशकों पुराना कंजुगेट हल करना, गणित में कोहेन लंस्त्रा मार्टिनेज ह्युरिस्तिक यानि “गणित का प्रेत” को भी हल करने वाले भार्गव जी ने भारतीय मेधा का नाम विश्व स्तर पर किया है |

* एक बेहद साधारण और सरल से चेहरे और जीवनशैली के पीछे आज धरती की सबसे सशक्त मेधा मंजुल भार्गव ने सिद्ध किया की दिखावे और आधुनिकता के कृत्रिम जीवन में कुछ नहीं रखा है |

…………आर्य भट्ट, बारह्मिहिर,सुधाकर द्विवेदी, रामानुजन और अभयंकर की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मंजुल दीर्घायु हों |

चित्र : हिन्दू पारंपरिक परिधान में इनफ़ोसिस पुरस्कार प्राप्त करते श्री भार्गव |

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Shivesh Pratap

My articles are the chronicles of my experiences - mostly gleaned from real life encounters. With a first-rate Biz-Tech background, I love to pen down on innovation, public influences, gadgets, motivational and life related issues. Demystifying Sci-tech stories are my forte but that has not restricted me from writing on diverse subjects such as cultures, ideas, thoughts, societies and so on.....

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