Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/shiveq7c/public_html/shiveshpratap.com/wp-includes/functions.php on line 6131
कपूर का परिचय, उपयोग लाभ | Camphor Information, Uses Benefits in Hindi
Ayurvedic Health Tips in HindiHindi Articleजड़ी बूटी की जानकारी

कपूर का परिचय, उपयोग एवं लाभ | Camphor Information, Uses & Benefits in Hindi

Spread the love! Please share!!

कपूर का परिचय, उपयोग एवं लाभ 
Camphor Information, Uses & Benefits in Hindi

कपूर का वानस्पतिक नाम: Cinnamomum camphora (सिनामोमम कैम्फोरा)

संस्कृत  नाम: कर्पूर 

अंग्रेजी नाम: कैंफ़र (Camphor)

कपूर के प्रकार : 1. प्राकृतिक जो पेड़ से मिलता है

                          2. कृत्रिम (केमिकल) कपूर जो बाजार में मिलता है |

कपूर का (Camphor) परिचय:

Camphor उड़नशील वानस्पतिक द्रव्य है। यह सफेद रंग का मोम की तरह का पदार्थ है।

कपूर एक वृक्ष से प्राप्त किया जाता है|

यह पेड़ चीन, जापान, कोरिया तथा ताइवान में अधिक पाया जाता है। भारत में इसे  देहरादून , सहारनपुर ,मैसूर आदि स्थानों पर कपूर के लिए उगाया जाया है।

इस पेड़ की लकड़ी या पत्तीयों के आसवन से कपूर प्राप्त किया जा सकता है।

कपूर का उपयोग एवं लाभ:

संक्रमणों को दूर करने में लाभ:

पैर पानी में ज्यादा रहते है तो उनमें अत्याधिक नमी होने से पैरों में सफेद फफूंद सी पड़ जाती है यह पैरो में बढ़ते संक्रमण के कारण होता है। इस संक्रमण को दूर करने के लिये आप कपूर का इस्तेमाल कर इस समस्या से छुटकारा पा सकती है।

त्वचा की खुजली में लाभ:

त्वचा की समस्याओं में कपूर का इस्तेमाल असरकारी होता है। चेहरे पर होने वाले पिंपल्स या फिर त्वचा संबंधी कोई अन्य समस्या होने पर जरा-सा कपूर, नारियल तेल में मिलाकर चेहरे पर मसाज करना असरदार है।

बवासीर रोग में लाभ:

चने के बराबर कपूर केले के बीच में रखकर खाने से बवासीर रोग में लाभ होता है|

मासिक धर्म में लाभ:

मासिक धर्म मेंं यदि किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो तो कपूर और मैदा को थोड़ा मिला कर छोटी छोटी गोलियां बना लें | इन्हेंं रोज  खाली पेट खायेंं मासिक धर्म के आने के 4 दिन पहले इसका सेवन करें। उन दिनों मेंं इसे ना खायें | इससे मासिक धर्म की अनियमितता से निजात मिलता है ।

चर्म रोग में लाभ:

कपूर को आप किसी भी प्रकार के चर्म रोग में इस्तेमाल कर सकते हैंं । सरसों या नारियल के तेल में इसे मिला लें और उस स्थान पर लगायेंं । अतिशीघ्र आपको परिणाम नज़र आयेगा ।

फटी एड़ियों में लाभ:

यह फटी एड़ियों में भी राहत देता है इसे पीस कर पानी में घोल कर उस पानी में कुछ देर पाँव रखकर बैठने से कुछ देर बाद ही इस समस्या से राहत मिल जाती है |

सर्दी जुखाम में लाभ:

सर्दी जुखाम में  विक्स आदि में कपूर का इस्तेमाल किया जाता है | बच्चों के सीने पर कपूर के तेल की मालिश से उन्हें जल्द ही आराम मिल जाता है |

सर्दी जुकाम और फेफड़े संबंधी रोगों में कपूर सूंघने से फायदा होता है। विक्स, बाम जैसे कई उत्पादों को बनाने में कपूर का प्रयोग किया जाता है।

कपूर के नुकसान:

छोटे बच्चों को कपूर से दूर रखें, ये उनके लिए जानलेवा हो सकता है|

गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके ज्यादा प्रयोग से बचना चाहिए |

कपूर के ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा की समस्याएँ जैसे एक्जिमा, रैशेज, होंठों का सूखापन हो सकता है|

 

 

 

 

 


Spread the love! Please share!!

Shweta Pratap

I am a defense geek

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is the copyright of Shivesh Pratap.