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चरक संहिता में भोजन करने के दस अनमोल नियम | Ayurvedic Eating Principles
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चरक संहिता में भोजन करने के दस अनमोल नियम | Ayurvedic Eating Principles

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चरक संहिता:

चरक संहिता आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध ग्रन्थ है। यह संस्कृत भाषा में है। इसके उपदेशक अत्रिपुत्र पुनर्वसु, ग्रंथकर्ता अग्निवेश और प्रतिसंस्कारक चरक हैं।

प्राचीन वाङ्मय के परिशीलन से ज्ञात होता है कि उन दिनों ग्रंथ या तंत्र की रचना शाखा के नाम से होती थी। जैसे कठ शाखा में कठोपनिषद् बनी। शाखाएँ या चरण उन दिनों के विद्यापीठ थे, जहाँ अनेक विषयों का अध्ययन होता था। अत: संभव है, चरकसंहिता का प्रतिसंस्कार चरक शाखा में हुआ हो।

भारतीय चिकित्सा विज्ञान के तीन बड़े नाम हैं – चरक, सुश्रुत और वाग्भट। चरक संहिता, सुश्रुतसंहिता तथा वाग्भट का अष्टांगसंग्रह आज भी भारतीय चिकित्सा विज्ञान (आयुर्वेद) के मानक ग्रन्थ हैं।

चिकित्सा विज्ञान जब शैशवावस्था में ही था उस समय चरकसंहिता में प्रतिपादित आयुर्वेदीय सिद्धान्त अत्यन्त श्रेष्ठ तथा गंभीर थे।

इसके दर्शन से अत्यन्त प्रभावित आधुनिक चिकित्साविज्ञान के आचार्य प्राध्यापक आसलर ने चरक के नाम से अमेरिका के न्यूयार्क नगर में 1898 में ‘Charak Club’ संस्थापित किया जहाँ चरक का एक चित्र भी लगा है।

चरक सहिंता से उद्धृत भोजन करने के दस अनमोल नियम:

उष्ण आहार लें – गर्म भोजन से जठराग्नि तेज होती है, भोजन शीघ्र पच जाता है।

स्निग्ध आहार लें- स्निग्ध भोजन शरीर का पोषण, इन्द्रियों को दृढ़ और बलवान बनाता है।

मात्रा पूर्वक आहार लें- पाचन शक्ति के अनुकूल उचित मात्रा में भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है।

पचने पर आहार लें- पहले खाया पचने के बाद भूख लगने पर ही दूसरा भोजन करें।

अविरूद्ध वीर्य वाले आहार लें- परस्पर विरूद्धवीर्य (गुण व शक्ति) का भोजन रोग उत्पन्न करता है।

अनुकूल स्थान में आहार लें- मन के अनुकूल स्थान में मन के प्रिय पदार्थो का सेवन करें।

जल्दी- जल्दी आहार न लें- जल्दी भोजन करने से लालारस ठीक से न मिलने के कारण भोजन के पाचन में विलम्ब होता है।

बहुत धीरे- धीरे आहार न लें- धीरे- धीरे, रूक रूक कर भोजन करने से तृप्ति नहीं होती, आहार ठंडा तथा पाक विषम हो जाता है।

एकाग्रचित्त हो आहार लें- ऐसा करने से भोजन भली भाँति पचता है और अंग लगता है।

आत्म शक्ति के अनुसार आहार लें- यह आहार मेरे लिए लाभकारी है या हानिकारक है, विचार करके अपनी शक्ति के अनुकूल मात्रा में लिया भोजन हितकारी होता है।…………


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Shivesh Pratap

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One thought on “चरक संहिता में भोजन करने के दस अनमोल नियम | Ayurvedic Eating Principles

  • Manas

    Its really a mind blowing article….. keeping posting this kind of articles

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