50 फैक्ट्स में जयललिता का जीवन | 50 Facts of Jayalalitha Life History in Hindi
50 फैक्ट्स में जयललिता का जीवन | 50 Facts of Jayalalitha Life History in Hindi:
1.जयललिता का जन्म 24 फ़रवरी 1948 को एक ‘अय्यर ब्राह्मण’ परिवार में हुआ | यह मैसूर राज्य (वर्तमान कर्नाटक राज्य में) के मांडया जिले के पांडवपुरा तालुक के मेलुरकोट गांव में हुआ था।
2.महज 2 साल की उम्र में ही उनके पिता जयराम उनकी माँ संध्या के साथ उन्हें अकेला छोड़ कर स्वर्ग सिधार गए थे।
3.तीन साल की उम्र में जयललिता ने भारत नाट्यम सीखना शुरू कर दिया था |
4.बाद में उनकी मां ने तमिल सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया और अपना फिल्मी नाम ‘संध्या’ रख लिया।
5.उनकी प्रारंभिक शिक्षा पहले बंगलौर और बाद में चेन्नई में हुई। चेन्नई के स्टेला मारिस कॉलेज में पढ़ने की बजाय उन्होंने सरकारी वजीफे से आगे पढ़ाई की।
6.दशवीं में जयललिता को तमिलनाडु में दूसरा स्थान मिला था |
7.विद्यालई शिक्षा के दौरान ही जयललिता 1961 में ‘एपिसल’ नाम की एक अंग्रेजी फिल्म में काम किया।

8.मात्र 15 वर्ष की आयु में जयललिता कन्नड फिल्मों में मुख्य अभिनेत्री की भूमिकाएं करने लगी। कन्नड भाषा में जयललिता की पहली फिल्म ‘चिन्नाडा गोम्बे’ है जो 1964 में प्रदर्शित हुई।
9.जयललिता की पहली फिल्म “A” ग्रेड थी जिसकी वजह से वो अपनी फिल्म को सिनेमा हाल में नहीं देख पायी क्यों की वो 15 साल की थीं |
10.उसके बाद जयललिता ने तमिल फिल्मों की ओर रुख किया। वे पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने स्कर्ट पहनकर भूमिका निभाई थी।
11.तमिल सिनेमा में जयललिता ने जाने माने निर्देशक श्रीधर की फिल्म ‘वेन्नीरादई’ से अपना करियर शुरू किया और लगभग 300 फिल्मों में काम किया।
12.उन्होंने तमिल के अलावा तेलुगु, कन्नड़, अँग्रेजी और हिन्दी फिल्मों में भी काम किया है।
13.सबसे अधिक सिल्वर जुबली देने वाली तमिल अभिनेत्री हैं जयललिता |
14.उन्होंने धर्मेंद्र सहित कई अभिनेताओं के साथ काम किया, किन्तु उनकी ज्यादातर फिल्में शिवाजी गणेशन और एमजी रामचंद्रन के साथ ही आईं।
15.शोबन बाबू वो पहले व्यक्ति थे जिस पर जयललिता का दिल आया था परन्तु जयललिता जीवन भर अविवाहित रहीं |
16.जयललिता एक उम्दा लेखिका थीं जो समाचार में नियमित कालम ही लिखती थीं |
17.जयललिता का पेन नेम “थाई” था |
19.जयललिता ने कभी शादी नहीं की लेकिन एक दत्तक पुत्र ‘वीएन सुधाकरण’ को गोद लिया |
21.उसका नाम गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में है लेकिन किसी अच्छे काम के लिए नहीं है। जयललिता ने वीएन सुधाकरण के विवाह में “सबसे बड़ी शादी के भोज की मेजबानी का रिकॉर्ड कायम किया है।
22.विवाह में 6 करोड़ रुपए खर्च किए गए और 50 एकड़ में पंडाल बना था। करीब 1.5 लाख मेहमान शामिल हुए थे।
24.वर्ष 1997 में उनके जीवन पर बनी एक तमिल फिल्म ‘इरूवर’ आई थी जिसमें जयललिता की भूमिका ऐश्वर्या राय ने निभाई थी।
26.जयललिता की जीवनी “अम्मा जर्नी फ्रॉम मूवी स्टार टू पोलिटिकल क्वीन” भी प्रकाशित हो चुकी है |
27.जयललिता को गाजर का हलवा बेहद पसंद था|
28.राजनीति में जयललिता अम्मा और ‘पुरातची तलाईवी’ जैसे उपनामों से प्रसिद्द हुईं |
29.’पुरातची तलाईवी’ भी कहकर बुलाया जाता है, जिसका मतलब ‘क्रांतिकारी नेता’ होता है।
31.जयललिता का पसंदीदा गाना है ….ऐ मालिक तेरे बन्दे हम |
33.पहला फिल्मफेयर उन्हें शिवाजी गणेशन की तमिल फिल्म ‘Pattikada Pattanama'(1971) के लिए मिला था। इसी साल तेलुगु फिल्म ‘श्री कृष्ण सत्य’ के लिए उन्हें दूसरा फिल्मफेयर मिला।साल 1973 में तमिल फिल्म ‘Suryakanthi’ के लिए तीसरा फिल्मफेयर मिला था।
Jayalalitha Life History:
38अम्मा ने 1982 में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्ना द्रमुक) की सदस्यता ग्रहण करते हुए एम॰जी॰ रामचंद्रन के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
39.1983 में उन्हें पार्टी का प्रोपेगेंडा सचिव नियुक्त किया गया। बाद में अंग्रेजी में उनकी वाक क्षमता को देखते हुए पार्टी प्रमुख रामचंद्रन ने उन्हें राज्यसभा में भिजवाया और राज्य विधानसभा के उपचुनाव में जितवाकर उन्हें विधानसभा सदस्य बनवाया।
40.1984 से 1989 तक वे तमिलनाडु से राज्यसभाकी सदस्य रहीं।
41.राज्यसभा से सांसद बनाए जाने के लिए मुख्य वजह उनकी अंग्रेजी में वाकपटुता थी।
42. 1984 में जब मस्तिष्क के स्ट्रोक के चलते रामचंद्रन अक्षम हो गए तब जया ने मुख्यमंत्री की गद्दी संभालनी चाही, लेकिन तब रामचंद्रन ने उन्हें पार्टी के उप नेता पद से भी हटा दिया।
43.वर्ष 1987 में रामचंद्रन का निधन हो गया और इसके बाद अन्ना द्रमुक दो धड़ों में बंट गई। एक धड़े की नेता एमजीआर की विधवा जानकी रामचंद्रन थीं और दूसरे की जयललिता, लेकिन जयललिता ने खुद को रामचंद्रन की विरासत का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
44.वर्ष 1989 में उनकी पार्टी ने राज्य विधानसभा में 27 सीटें जीतीं और वे तामिलनाडु की पहली निर्वाचित नेता प्रतिपक्ष बनीं।
45. 1996 में उनकी पार्टी चुनावों में हार गई और वे खुद भी चुनाव हार गईं।
46. जयललिता ने हड़ताल पर जाने की वजह से दो लाख कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया था |
47. अप्रैल 2011 में जब 11 दलों के गठबंधन ने 14वीं राज्य विधानसभा में बहुमत हासिल किया तो वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने 16 मई 2011 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लीं और तब से वे राज्य की मुख्यमंत्री हैं।
48. जयललिता को पहली बार मद्रास विश्वविद्यालय से 1991 में डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली और उसके बाद उन्हें कई बार मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया जा चुका है।
49. 18 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने तथा सजा सुनाए जाने के बाद जयललिता को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अदालत ने उन्हें चार साल कैद की सजा सुनाई थी और 100 करोड़ रुपए का जुर्माना भी किया था.
50. मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर के मुद्दे को लेकर केरल के खिलाफ भी तमिलनाडु सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमा जीता था. इसके अलावा, 2014 के संसदीय चुनाव में जयललिता की पार्टी ने 39 में से 37 सीटें जीत कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था.
51. जयललिता तमिलनाडु की दूसरी ऐसी महिला हैं जो राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।
52. 1992 में उनकी सरकार ने सूबे में लड़कियों सुरक्षा के लिए ‘क्रैडल बेबी स्कीम’ शुरू की। इस स्कीम का मकसद अनाथ और बेसहारा लड़कियों को खुशहाल जीवन देना था।
53. सबसे ज्यादा उनको आलोचना तब झेलनी पड़ी जब उन्होंने मंदिरों में जानवरों की बलि पर रोक लगाई।
54. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता हार्ट अटैक के बाद चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती थी|
55. जयललिता को अम्मा के नाम से पुकारने वाले उनके समर्थक उन्हें किसी भगवान से कम नहीं मानते, यही बात है कि उनकी बीमारी की खबर ने हर किसी को विचलित कर दिया है।
56. भ्रस्टाचार के आरोप झेल रहीं जयललिता के पास 2000 एकड़ जमीन, 30 किलो सोना और 12000 साड़ियाँ थीं |
57. मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता ने मात्र 1 रुपये ही तनख्वाह के रूप में लिया |
58. पुलिस में महिलाओं को 30% आरक्षण की शुरुआत जयललिता ने किया था |
59. भारत की पहली महिला पुलिस कमांडो कंपनी तमिलनाडु में जयललिता की प्रेरणा से बना |
60. पहली बार बिना चुनाव लडे मुख्मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी 14 मई 2014 को जयललिता ने बनाया |
61. जयललिता को गठिया की समस्या है, इसलिए उनके लिए सागौन की लकड़ी की बनी खास कुर्सी डिजाइन की गई थी। यह कुर्सी दिल्ली स्थित तमिलनाडु भवन में रखी होती है। दिल्ली दौरे के दौरान जयललिता जहां-जहां जाती हैं, कुर्सी भी वहां-वहां ले जाई जाती थी।
Jayalalitha Death:
62. जयललिता ने 5 दिसंबर 2016 को रात्रि 11:30 पर इस नश्वर संसार को विदा कह दिया |




Honorable jaya Ji
Was very great Lady, very nice actress & loveable Chief Minister in our Indian States
Baljit Singh Jamwal
Himachal Kangra
NYC facts
She was so honourable Lady
I like to hear about her…