Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/shiveq7c/public_html/shiveshpratap.com/wp-includes/functions.php on line 6131
सोंठ (सूखा अदरक) के फायदे एवं उपयोग| Benefits and Use of sonth (Ginger) in Hindi
Hindi ArticleList of Indian Spices and Their Uses

सोंठ (सूखा अदरक) के फायदे एवं उपयोग | Benefits and Use of sonth (Ginger) in Hindi

Spread the love! Please share!!

सोंठ (सूखा अदरक) के फायदे एवं उपयोग
Benefits and Use of sonth (Ginger) in Hindi

वानस्पतिक नाम: ज़िन्ज़िबर ओफिसिनेल रोसको Zingiber officinale

संस्कृत नाम: अरद्रका 

परिवार: ज़िज़िबेरेसी

वाणिज्यिक अंग: राइज़ोम, जड़ 

सोंठ (सुखा अदरक) का परिचय:

  • सूखे हुए अदरक को सौंठ कहते हैं। सोंठ का उपयोग मसाला एवं औषधि के रूप में किया जाता है |

  • अदरक वार्षिक तौर पर बढाए जानेवाले शाकीय उपोष्ण पौधे का शुष्क भूमिगत तना है |
  • #अदरक दक्षिण एशिया का देशज है किन्तु अब यह पूर्वी अफ्रीका और कैरेबियन में भी पैदा होता है।’
  •  अदरक का पौधा चीन, जापान, मसकराइन और प्रशांत महासागर के द्वीपों में भी मिलता है। इसके पौधे में सिमपोडियल राइजोम पाया जाता है।
  • भारत में यह बंगाल, बिहार, चेन्नई, मध्य प्रदेश कोचीन, पंजाब और उत्तर प्रदेश में अधिक उत्पन्न होती है।

  • अदरक केलिए गरम एवं नमीवाला जलवायु अपेक्षित है और समुद्र स्तर से 1500 मीटर एम एस एल की ऊँचाई पर यह अच्छी तरह पनपता हैं।
  • अदरक का कोई बीज नहीं होता इसके कंद के ही छोटे-छोटे टुकड़े जमीन में गाड़ दिए जाते हैं। यह एक पौधे की जड़ है।

सोंठ (सुखा अदरक) का उपयोग:

  • सोंठ (सुखा अदरक) का इस्तेमाल अधिकतर भोजन के बनाने के दौरान किया जाता है।
  • ताज़ा अदरक, सोंठ पाउडर, तैलीराल और तेल खाद्य प्रसंस्करण में प्रयुक्त होते हैं।
  • सोंठ (सुखा अदरक) रस में चरपरा, लघु, तीक्ष्ण, उष्ण तथा पचने पर मधुर-विपाकी है।

  • यह रेचन, दीपन, शूल-प्रशामक उत्तेजक, कफध्न, रक्तशोधक और वातरोगनाशक है।

सोंठ (सुखा अदरक) के फायदे:

  • अदरख का रस गर्म कर या तेल में मिलाकर कान में डालने से कर्णशूल बन्द हो जाता है।
  • सोंठ नीम के पत्ते या निंबोली पीसकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर गोलियां बना लें। गोली को मामूली गर्म कर आंखों पर बांधने से आंखों की पीड़ा कम होती है।
  • कब्ज जैसी समस्या में धनिया और सोंठ (सुखा अदरक) का काढा बनाकर पीना चाहिए। नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपको कब्ज की दर्द और दिक्कत से छुटकारा मिल जायेगा।

  • सोंठ (सुखा अदरक), हींग और काला नमक मिलाकर लेने से गैस की समस्या में लाभ होता है।
  • अदरक में थर्मोजेनिक एजेंट नामक तत्व होता है जो वसा को जलाने में मदद करता है जिससे वजन आसानी से कम होता है। गरम पानी के साथ इसका सेवन मोटापे को कम करने में सहायक है।
  • गठिया की शिकायत होने पर अजवाइन सोंठ और हरड को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण तैयार करें। फिर उस चूर्ण को उबालें उबले हुए पानी की छानकर ठंडा कर लें और पी लें। इसे आप को आराम मिलेगा |

  • वायरल बुखार होने पर दो लौंग, ¼ चम्मच सोंठ (सुखा अदरक) और 8 ग्राम इलाइची पाउडर को मिलाकर उबालें। जब पानी का आधा रह जाएं तब उस पानी को छानकर दिन में तीन बार पियें। इसे आप को आराम मिलेगा |
  •  पेट दर्द होने पर काला नमक, सोंठ और थोड़ी सी हींग को मिलाकर चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण का सेवन करने से आपको पेट दर्द से राहत मिल जायेगीं।
  • 3 माशे से 1 तोले तक सोंठ गुड़ के साथ लेने से शोथ, बवासीर और पाण्डुरोग मिट जाते हैं।
  • सोंठ (सुखा अदरक) में कैंसर रोधी तत्व मौजूद होते हैं। यह कैंसर के सेल्स को बढने से रोकते हैं इसके साथ ही सोंठ गर्भ में होने वाले कैंसर को भी रोकता है। जो लोग सौंठ का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचे रहते हैं।

  • दस्त जैसी समस्या होने पर गुड और सोंठ (सुखा अदरक) के चूर्ण को छाछ में मिलाकर पियें। इस प्रकार करने से आपको दस्त से राहत मिल जायेगीं।
  • सोंठ (सुखा अदरक) को गुड़ के साथ खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है।

  • कमर दर्द में सोंठ (सुखा अदरक) को थोड़े से पानी में उबाल कर रख लें। जब पानी ठंडा हो जाये तो उसमे एक चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर रोजाना सेवन करें। कुछ ही दिनों में दर्द चला जायेगा।

     


Spread the love! Please share!!

Shweta Pratap

I am a defense geek

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is the copyright of Shivesh Pratap.