नागदमनी का परिचय, उपयोग एवं लाभ | Nagadamani Information, Uses & Benefits in Hindi

नागदमनी का परिचय, उपयोग एवं लाभ
Nagadamani Information, Uses & Benefits in Hindi

लैटिन नाम: pedilanahus tithymaloi

हिंदी नाम: नागदोन, नागदमन

संस्कृत नाम: नागदमनी

नागदमनी का पौधा एवं परिचय:

नागदमनी का पौधा जिसमें डालियाँ और टहनियाँ नहीं होती है |

 

इसके जड के ऊपर से ग्वारपाठे की सी पत्तियाँ चारों ओर निकलती हैं |

नागदमनी के पत्ते गहरे हरे रंग के, 3-4 इंच लंबाई वाले, तदनुसार चौड़ाई भी थोड़ी ही- ऊर्ध्वमुखी शाखाओं पर अल्प संख्या में ही होते हैं।

नागदमनी के कभी फूल या फल नहीं आते | इसकी डंडी या पत्ता तोड़ें तो दूध जैसे द्रव का स्राव होता है |

नागदौने की जड कंद के रूप में नीचे की ओर जाती है ।

कम जल और किसी भी वातावरण में जीवित रहने वाला नागदमनी के डंठल को तोड़-काट कर भी आसानी से लगाया जा सकता है|

वैद्यक में नागदौना चरपरा, कडुआ, हलका, त्रिदोषनाशक, कोठे को शुद्ध करनेवाला, विषनाशक तथा सूजन, प्रमेह और ज्वर को दूर करनेवाला माना जाता है ।

नागदमनी का उपयोग एवं लाभ: 

मेधा-शक्ति-वर्धन:

मन्दबुद्धि बालकों को साधित नामदमनी मूल को भद्रादि रहित किसी रविवार या मंगलवार को ताबीज में भर कर लाल धागे में पिरोकर गले या बांह में बांध देने से अद्भुत लाभ होता है।सामान्य बालकों के बौद्धिक विकास हेतु भी यह प्रयोग किया जा सकता है।

बवासीर की समस्या में लाभ:

बवासीर में नागदोन का प्रयोग बहुत लाभकारी |इसके लिये नागदोन के 1 से 3 पत्ते व् 1-2 कालीमिर्च को पीसकर रस निकल लें ,उसमे से एक चम्मच रस को सुबह खाली पेट पियें ,लाभ होगा |

मासिक रक्तस्राव में लाभ:

मासिक रक्तस्राव अधिक हो तब भी यह प्रयोग किया जा सकता है| इसके तीन छोटे पत्ते काली मिर्च के साथ पांच दिन तक खा लें या फिर एक चम्मच रस सवेरे खाली पेट लें|

कब्ज़ में लाभ:

नागदमनी का चूर्ण खाने से लाभ होता है या उनका रस काली मिर्च के साथ खाली पेट लें |

कैंसररोधी:

नागदमनी (आर्टीमीसीया) में पाये जानेवाले रसायन आर्टीमिसिन में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं।

आर्टीमिसिन तत्व को बिना स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट किये 98%तक कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करनेवाला माना गया है।

 

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Shweta Pratap

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