मेघराज GI क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है? | Meghraj Cloud Computing Project

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है:

कंप्यूटर की कार्य निष्पादन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से नित नई-नई  प्रौद्योगिकियां हमारे बीच आती रहती हैं।

क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing) एक ऐसी ही तकनीक है जिसके द्वारा कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाया जा सकता है वह भी अवसंरचना  (Infrastructure) में अतिरिक्त निवेश किए बिना। वास्तव में क्लाउड कंप्यूटिंग एक नई विधा है जिसका केंद्र क्लाउड होता है। इसका यह नाम इसकी बादलों जैसी जटिल संरचना वाले रेखाचित्र (System Diagram) के कारण पड़ा।

उल्लेखनीय है कि आम प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने वाले पर्सनल कंप्यूटरों की क्षमता सीमित होती है। यदि किसी प्रयोक्ता (User) को कंप्यूटिंग से संबंधित किसी कार्य को करने के लिए अतिरिक्त प्रोसेसिंग या भंडारण क्षमता की आवश्यकता है और उसका कंप्यूटर इसके अनुरूप नहीं है तो उसे अपने कंप्यूटर की क्षमता को बढ़ाना होगा यानि अवसंरचना पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ। यहीं पर क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीक का लाभ उठाया जा सकता है।

क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रयोक्ता अपनी आवश्यकतानुसार किसी Third Party की कंप्यूटिंग अवसंरचना का उपयोग कर सकता है। क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा प्रदाताओं के संसाधनों का प्रयोक्ता घर बैठे सेवा के रूप में उपयोग कर सकते हैं और बदले में प्रयोक्ता, सेवा प्रदाताओं को निर्धारित शुल्क का भुगतान करते हैं। सेवा प्रदाता कंप्यूटिंग एवं भंडारण क्षमता, ऑपरेटिंग सिस्टम तथा सामान्य सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जैसे ऑफिस सुइट आदि प्रयोक्ताओं को उपलब्ध कराते हैं। ऐसा लगता है कि ये सारे प्रोग्राम प्रयोक्ता के कंप्यूटर में ही स्थापित हैं जबकि वास्तव में ये सॉफ्टवेयर और डाटा एक सर्वर पर भंडारित रहता है जिसे क्लाउड कहा जाता है। प्रयोक्ता क्लाउड आधारित ऑनलाइन एप्लिकेशनों का प्रयोग डेस्कटॉप या लैपटॉप या मोबाइल फोन पर वेब ब्राउजर के जरिए कर सकते हैं।

मेघराज जीआई क्लाउड क्या है? | What is Meghraj GI Cloud:

तकनीकि का लाभ उठाने के लिए भारत सरकार के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘जीआई क्लाउड’ (GI Cloud) आरंभ किया है जिसे ‘मेघराज’ नाम दिया गया है।

  • 4 फरवरी, 2014 को केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने नई दिल्ली में मेघराज परियोजना के अंतर्गत ‘राष्ट्रीय क्लाउड’ (National Cloud) का शुभारंभ किया।

 

  • इसका कार्यान्वयन ‘राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र’ (NIC : National Informatics Centre) द्वारा किया जाएगा।

 

  • मेघराज कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार की क्लाउड कंप्यूटिंग व्यवस्था को कायम करना है।

 

  • इससे न केवल सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा बल्कि ई-प्रशासन सेवाओं को भी तेजी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

 

  • इसके अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अपने निजी क्लाउड होंगे, साथ ही एक राष्ट्रीय क्लाउड आधारित नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा जो सभी राज्य डाटा केंद्रों को आपस में जोड़ेगा।

 

  • सर्वर और भंडारण जैसे सूचना प्रौद्योगिकी संसाधन सरकारी विभागों के बीच साझा किए जाएंगे और आवश्यकतानुसार प्रदान किए जा सकेंगे।

 

  • पहले चरण में दिसंबर, 2013 में राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र द्वारा दिल्ली में क्लाउड सेवा शुरू की गई।

 

  • इसके अंतर्गत बुनियादी हार्डवेयर, प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर एवं भंडारण एक सेवा के रूप में प्रदान किए जाएंगे जो सरकारी विभागों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण हैं।

मेघराज GI क्लाउड की सेवाएं:

  1. अवसंरचना सेवा, Infrastructure as a Service (IaaS)
  2. प्लेटफार्म सेवा, Platform as a Services (PaaS)
  3. सॉफ्टवेयर सेवा, Software as a Services (SaaS)
  4. भण्डारण सेवा, Storage as a Service (STaaS)

मेघराज GI क्लाउड के लाभ:

मौजूदा बुनियादी ढांचे का इष्टतम उपयोग|
तेजी से कार्यान्वयन और पुन: प्रयोज्यता: भारत में किसी भी सरकारी विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले किसी भी सॉफ्टवेयर को अन्य विभागों के अतिरिक्त लागतों के अतिरिक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रबंधन और रखरखाव: यह भारत में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसंरचना को बनाए रखने के लिए एक बिंदु प्रदान करता है।
स्केलेबिलिटी: भारत के नागरिकों की मांगों के अनुसार, सरकार के बुनियादी ढांचे को तदनुसार बढ़ाया जा सकता है।
कुशल सेवा वितरण
सुरक्षा: संपूर्ण जीआई क्लाउड के लिए एक सुरक्षा ढांचा कम पर्यावरणीय जटिलता और कम संभावित भेद्यता का कारण होगा।
बढ़ी हुई उपयोगकर्ता गतिशीलता
प्रौद्योगिकी प्रबंधन में कम प्रयास
पहली बार आईटी समाधान परिनियोजन की आसानी
लागत में कमी
मानकीकरण: जीआई क्लाउड इंटरऑपरेबिलिटी, एकीकरण, सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और पोर्टेबिलिटी इत्यादि के मानकों को निर्धारित करेगा।

Facebook Comments
Share Button
You may also like ...

Shivesh Pratap

My articles are the chronicles of my experiences - mostly gleaned from real life encounters. With a first-rate Biz-Tech background, I love to pen down on innovation, public influences, gadgets, motivational and life related issues. Demystifying Sci-tech stories are my forte but that has not restricted me from writing on diverse subjects such as cultures, ideas, thoughts, societies and so on.....

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is the copyright of Shivesh Pratap.